कोरबा, 06 फरवरी 2026। जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत कोरबा द्वारा प्री-बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पंचायत सभा कक्ष में जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित प्री-बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की गहन एवं विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कमजोर परीक्षा परिणाम जिले की शैक्षणिक छवि को प्रभावित करते हैं, इसलिए इसमें तत्काल सुधार आवश्यक है। उन्होंने 50 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों के प्राचार्यों तथा 40 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले विषय व्याख्याताओं को कारण बताओ शैली में गंभीरता से कार्य करने और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए।
सीईओ दिनेश नाग ने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और अनुपस्थित रहने वाले छात्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी तक विशेष अध्ययन योजना तैयार कर विद्यार्थियों को सघन अध्ययन के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि परीक्षा परिणामों में गुणात्मक सुधार लाया जा सके।
उन्होंने शिक्षकों को यह भी निर्देश दिए कि चूंकि बोर्ड परीक्षा का समय अत्यंत निकट है, इसलिए छात्रों को पाठ्यक्रम के ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयारी कराई जाए। उत्तर लेखन कौशल, अधिक अंक प्राप्त करने की रणनीति, वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का नियमित अभ्यास तथा पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का समाधान अनिवार्य रूप से कराया जाए। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित होगा।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहकर पूरी निष्ठा के साथ अध्यापन कार्य करें। विद्यार्थियों की शंकाओं का समय पर समाधान किया जाए और कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था की जाए। जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी.पी. उपाध्याय ने भी प्राचार्यों और शिक्षकों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में परिणाम सुधारने का आह्वान किया।
समीक्षा बैठक में जिले के 43 हाई स्कूल एवं 18 हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य तथा 60 विषय व्याख्याता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों ने परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।
