रायपुर। जिले के मुनरेठी स्थित धान खरीदी केंद्र में सूखत कम दिखाने के लिए धान से भरे बोरों पर पानी डालने का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच के आदेश दिए गए। जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि होने पर समिति प्रभारी सहित चार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाने की कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धान खरीदी केंद्र परिसर में पाइप बिछाकर करीब आधे घंटे तक सैकड़ों बोरों पर पानी डाला गया। उस समय केंद्र में हजारों क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। सूखत की मात्रा कम दिखाने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई का किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्रेड़ी, म.रे. पं. क्र. 663 से संबंधित वायरल वीडियो में धान स्टेक पर पाइप के माध्यम से बोरों पर पानी डालते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। निर्देश मिलने के बाद जांच दल ने समिति कार्यालय पहुंचकर प्रभारी समिति प्रबंधक को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। साथ ही समिति कर्मचारियों एवं हमालों से पूछताछ की गई तथा कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी गहन जांच की गई।
वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, हमालों के बयान और प्रभारी समिति प्रबंधक के स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद यह तथ्य प्रमाणित हुआ कि वायरल वीडियो समिति मर्रेड़ी का ही है। यह घटना 01 फरवरी 2026 को शाम 6.45 बजे से 7.10 बजे के बीच की है। जांच में कुलेश्वर प्रसाद वर्मा (हमाल), महरन राय (रात्रिकालीन चौकीदार एवं हमाल), योगेश्वर बंजारे (रात्रिकालीन चौकीदार एवं हमाल) और संजू ढीढ़ी (धान खरीदी दैनिक कर्मचारी) की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय प्रभारी समिति प्रबंधक चंद्रप्रकाश खंडेलवाल समिति परिसर में मौजूद नहीं थे। हालांकि, उनके अधीन कार्यरत हमालों और दैनिक कर्मचारियों द्वारा इस तरह की अनियमितता किया जाना प्रबंधक के रूप में कर्मचारियों पर नियंत्रण की कमी को दर्शाता है। इसी आधार पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समिति प्रभारी सहित चार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटा दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या घोटाले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की आगे भी विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
