बिजनेस,04 फरवरी : महंगाई की मार झेल रही जनता को सरकार ने एक और जोर का झटका दिया है। दरसअल सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार की ओर से लिया गया ये फैसला आम जानता के लिए किसी झटके से कम नहीं है। सरकार के इस फैसले से जहां एक ओर बस-ट्रक और मालवाहक मालिकों की जेब ढीली होगी तो वहीं आम जनता को भी दैनिक उपभोग की चीजों के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे। इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने डीजल की कीमत में सीधे 11.30 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 11.30 रुपए की वृद्धि के बाद अब हाई-स्पीड डीजल की नई कीमत 268.38 रुपए प्रति लीटर तय की गई है। पेट्रोल-डीजल के नए रेट आज यानि 1 फरवरी 2026 से लागू कर दिया गया है।
वहीं, पेट्रोल के दाम में कोई फेरबदल नहीं किया गया है, यह 253.17 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर बना रहेगा। बता दें कि पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की समीक्षा पाक्षिक (हर 15 दिन में) आधार पर की जाती है। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और विनिमय दर (Exchange Rate) को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल की कीमतों में इस भारी वृद्धि का सीधा असर परिवहन, कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिससे देश में महंगाई और बढ़ सकती है।
31 दिसंबर, 2025 को हुआ था बदलाव
गौरतलब है कि, 15 जनवरी के बाद से संघीय सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया। पेट्रोलियम विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पेट्रोल की कीमत 253.17 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रहेगी, (Petrol Diesel Price Hike Update) जबकि हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत 257.08 रुपये प्रति लीटर पर बनी रहेगी, जो 16 जनवरी से प्रभावी होगी। इससे पहले 31 दिसंबर, 2025 को सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी की घोषणा की थी। पेट्रोल की कीमत में 10.28 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई, जिससे नई कीमत 253.17 रुपये प्रति लीटर हो गई। इसके अतिरिक्त, हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत में 8.57 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है, जिससे नई कीमत 257.08 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है।
हर पाकिस्तानी पर 333,000 रुपए का कर्ज
संसद में प्रस्तुत राजकोषीय नीति वक्तव्य के मुताबिक़, पिछले वित्तीय वर्ष में प्रत्येक पाकिस्तानी पर ऋण का बोझ 13% बढ़कर 333,000 रुपए हो गया, जबकि सार्वजनिक ऋण एक “चुनौती” बना हुआ है। फिलहाल पाकिस्तान का बजट घाटा वैधानिक सीमा से 3 ट्रिलियन रुपए अधिक हो गया था।
वित्त मंत्रालय के वार्षिक राजकोषीय नीति वक्तव्य के अनुसार, प्रति व्यक्ति ऋण वित्त वर्ष 2023-24 में 294,098 रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 333,041 रुपए हो गया है। (Petrol Diesel Price increase in Pakistan) राजकोषीय उत्तरदायित्व और ऋण सीमा अधिनियम (एफआरडीएल) के तहत, मंत्रालय जनवरी के अंत तक इस वक्तव्य को संसद में सूचना के लिए प्रस्तुत करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक वर्ष के भीतर, ऋण भार, जिसकी गणना देश की कुल सार्वजनिक ऋण को देश की 241.5 मिलियन जनसंख्या से विभाजित करके की जाती है, में 39,000 रुपए या 13% की वृद्धि हुई है।
इसमें आगे कहा गया है कि जून 2024 से जून 2025 तक कुल सार्वजनिक ऋण 71.2 ट्रिलियन रुपए से बढ़कर 80.5 ट्रिलियन रुपए हो गया, जिसका मुख्य कारण ब्याज भुगतान में वृद्धि थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये ब्याज लागतें कानून द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक खर्चों को पूरा करने के लिए लिए गए अतिरिक्त उधार का परिणाम थीं।



