कोरबा,03 फरवरी(वेदांत समाचार)। पैतृक जमीन को लेकर हुए विवाद में सगे भाई की हत्या करने वाले पिता और पुत्र को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा की अदालत ने सुनाया।
प्रकरण थाना हरदीबाजार के अपराध क्रमांक 155/2023 से संबंधित है। मामले में आरोपी कौशल प्रसाद तिवारी (70 वर्ष) पिता स्व. भुवनलाल तिवारी एवं उनके पुत्र अशोक तिवारी, दोनों निवासी यादव गली दर्री, जिला कोरबा, को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषसिद्ध पाया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास तथा प्रत्येक को 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप झा ने बताया कि 30 जुलाई 2023 की सुबह लगभग 8 बजे मृतक लक्ष्मीनारायण का अपने बड़े भाई कौशल प्रसाद तिवारी से पैतृक जमीन को लेकर विवाद हो रहा था। इसी दौरान आरोपी कौशल प्रसाद तिवारी ने टंगिया से तथा उनके पुत्र अशोक तिवारी ने डंडे से मृतक के सिर पर वार कर दिया, जिससे लक्ष्मीनारायण की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान न्यायालय ने साक्षियों के कथन एवं उपलब्ध तथ्यों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए आरोपियों को संदेह से परे दोषी पाया।
प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप झा ने प्रभावी पैरवी की। उनके द्वारा प्रस्तुत ठोस और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने हत्या जैसे जघन्य अपराध में आरोपियों को कठोर दंड देते हुए मृतक के परिजनों को न्याय दिलाया।



