नई दिल्ली,31 जनवरी: लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो के पूर्वी प्रांत उत्तर कीवु में रुबाया कोल्टन खदान में भयानक भूस्खलन ने सैकड़ों जिंदगियां छीन ली हैं। इस त्रासदी में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 227 तक पहुंचने की बात कही गई है। हादसे में मजदूरों के साथ-साथ बच्चे और बाजार की महिलाएं भी मलबे में दब गए।
भारी बारिश के कारण खदान की मिट्टी अचानक धंस गई, जिससे कई खदानें ढह गईं। रुबाया क्षेत्र, जो एम23 विद्रोही समूह के नियंत्रण में है, दुनिया के लगभग 15 प्रतिशत कोल्टन का उत्पादन करता है। कोल्टन से प्राप्त टैंटलम धातु स्मार्टफोन, लैपटॉप, हवाई जहाज के पुर्जों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होती है। वैश्विक तकनीकी उद्योग की इस भारी मांग के बावजूद यहां खनन बेहद खतरनाक और असुरक्षित तरीके से होता है।
बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश, ढीली मिट्टी और दुर्गम रास्तों के कारण राहत दल को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारी मशीनरी की कमी से मलबा हटाने में देरी हो रही है। करीब 20 घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।
यह घटना कांगो के पूर्वी हिस्से में चल रहे संघर्ष और अवैध खनन की खतरनाक वास्तविकता को उजागर करती है। विद्रोही समूह खदान से होने वाली कमाई से अपने अभियान चलाते हैं। स्थानीय लोग रोजगार के लिए इन खदानों पर निर्भर हैं, लेकिन सुरक्षा के अभाव में हर दिन मौत का खतरा मोल लेते हैं। पूरी दुनिया में शोक की लहर है



