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छत्तीसगढ़ में ‘लादेन’ ने बेचा समर्थन मूल्य पर धान, कहा- धान खरीदी केंद्र के कर्मचारियों की मदद से नहीं हुई कोई

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जशपुर,30 जनवरी (वेदांत समाचार): खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जशपुर जिले में धान खरीदी का कार्य शासन के निर्देशानुसार सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसान बिना किसी असुविधा के अपनी उपज का विक्रय कर सकें।

किसान लादेन ने बेचा धान
इसी क्रम में कुनकुरी विकासखण्ड स्थित धान खरीदी केंद्र में ग्राम खजूरबहार निवासी कृषक लादेन टोप्पो ने बताया कि केंद्र में धान विक्रय के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्होंने आसानी और संतोषजनक ढंग से अपना धान विक्रय किया। केंद्र में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था के साथ पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया, वहीं धान की तौल भी समय पर और सुचारू रूप से की गई।

खरीदी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता
किसान लादेन टोप्पो ने धान खरीदी केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि कर्मचारियों का व्यवहार सहयोगात्मक रहा तथा पूरी खरीदी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न हो रही है। इससे किसानों का समय बच रहा है और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल रही है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान खरीदी व्यवस्था को सुदृढ़ कर किसानों के मान-सम्मान को बढ़ाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

खरीदी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा धान खरीदी कार्य को व्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी खरीदी केंद्रों में किसानों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में सुचारू रूप से पूर्ण हो सके।

31 जनवरी 2026 तक होगी धान खरीदी
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर 2025 से लगातार धान खरीदी जारी है जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस दौरान प्रदेश के लाखों किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचा है। वहीं, सरकारी आंकड़ों की मानें तो सरकार ने इस साल पिछले साल के मुकाबले अधिक धान खरीदा है और किसानों को अधिक फायदा पहुंचाया है।

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