इंस्टाग्राम पर दिखने वाले विज्ञापन कई बार इतने पर्सनल लगते हैं कि लोगों को शक होने लगता है कि इंस्टाग्राम ऐप उनकी बातें सुन रहा है. यही वजह है कि यह डर और अफवाह इतनी फैली कि खुद इंस्टाग्राम के हेड Adam Mosseri को सफाई देनी पड़ी. कंपनी का कहना है कि इंस्टाग्राम माइक्रोफोन से आपकी बातें नहीं सुनता, लेकिन फिर सवाल उठता है कि विज्ञापन इतने सटीक कैसे हो जाते हैं. कि आप किसी चीज के बारे में बात करते हैं और आपको उसी चीज के विज्ञापन दिखने लगते हैं. इसका जवाब इंस्टाग्राम की ट्रैकिंग और डेटा एनालिसिस से जुड़ा है.
इंस्टाग्राम विज्ञापन इतने पर्सनल क्यों लगते हैं?
एडम मोसेरी के मुताबिक, इंस्टाग्राम यूजर की आवाज नहीं सुनता, बल्कि उसकी एक्टिविटी को गहराई से एनालाइज करता है. आप किन पोस्ट पर कमेंट करते हैं, क्या सेव करते हैं, क्या सर्च करते हैं, यह सब डेटा विज्ञापन के लिए इस्तेमाल होता है. इसके अलावा मेटा पिक्सल और कुकीज के जरिए इंस्टाग्राम आपकी थर्ड पार्टी वेबसाइट्स पर की गई एक्टिविटी भी देखता है. यही वजह है कि किसी चीज पर बात करने के कुछ देर बाद उसी से जुड़े विज्ञापन दिखने लगते हैं.
मेटा अकाउंट्स सेंटर से विज्ञापन कंट्रोल कैसे करें
मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और दूसरे प्लेटफॉर्म्स की विज्ञापन सेटिंग्स को अकाउंट्स सेंटर में एक जगह कर दिया है. यहीं से आप तय कर सकते हैं कि मेटा आपकी कौन-सी जानकारी का इस्तेमाल विज्ञापन के लिए करे. Ad Preferences में जाकर Ad partners से मिलने वाली Activity information को बंद किया जा सकता है. इससे इंस्टाग्राम आपके बाहर की वेबसाइट्स और ऐप्स से मिले डेटा के आधार पर विज्ञापन दिखाना कम कर देता है.
मेटा ट्रैकिंग को पूरी तरह डिस्कनेक्ट करने का विकल्प
अगर आप चाहते हैं कि मेटा आपकी एक्टिविटी को बिल्कुल भी विज्ञापन से न जोड़े, तो अकाउंट्स सेंटर में Your information and permissions का ऑप्शन दिया गया है. यहां Your activity off मेटा टेक्नोलॉजीज में जाकर आप अपनी पिछली एक्टिविटी को डिस्कनेक्ट कर सकते हैं. इसके साथ ही भविष्य की एक्टिविटी को भी बंद किया जा सकता है, ताकि आगे से मेटा आपकी ब्राउजिंग और ऐप यूज को विज्ञापन के लिए इस्तेमाल न करे.
विज्ञापन कम नहीं होंगे, बस कम पर्सनल दिखेंगे
यह समझना जरूरी है कि इन सेटिंग्स के बाद इंस्टाग्राम पर विज्ञापन बंद नहीं होंगे. फर्क सिर्फ इतना होगा कि विज्ञापन आपकी पर्सनल पसंद और ऑनलाइन हिस्ट्री के आधार पर नहीं दिखेंगे. मेटा अब व्हाट्सएप स्टेटस और मेटा AI से जुड़े फीचर्स में भी विज्ञापन दिखाने लगा है. यानी विज्ञापन से पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन उनकी जरूरत से ज्यादा पर्सनल फीलिंग को जरूर कम किया जा सकता है.



