Vedant Samachar

जीरामजी योजना से बदलेगी ग्रामीण आजीविका की तस्वीर…

Vedant Samachar
2 Min Read

जिले में 54 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित

दुर्ग ,24 जनवरी (वेदांत समाचार) । ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने तथा स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 54 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। यह लक्ष्य जीआईएस बेस्ड प्लानिंग के तहत सेटेलाइट डेटा के आधार पर तय किया गया है, जिससे डबरी निर्माण के उपयुक्त स्थलों का वैज्ञानिक चयन सुनिश्चित किया जा सके।

आजीविका डबरी के निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे। स्व-सहायता समूहों की दीदियों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी है। आजीविका डबरी निर्माण से खेती-किसानी से जुड़े कार्यों में सहभागिता बढ़ेगी तथा आजीविका सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।

अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले सभी कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना का हिस्सा होंगे, जिनमें जल सुरक्षा, मूलभूत ढांचा तथा आजीविका आधारित गतिविधियाँ शामिल हैं। जिले में 54 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी तथा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत डबरी निर्माण कार्यों का शुभारंभ ग्राम पंचायत स्तर पर किया गया। इस अवसर पर स्व-सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Share This Article