Vedant Samachar

बंधन बैंक का कुल कारोबार 3 लाख करोड़ रुपये के पार, तीसरी तिमाही में 11 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि

Vedant samachar
3 Min Read

इंदौर, 23 जनवरी 2026। बंधन बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा करते हुए शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का कुल कारोबार सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.02 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है। यह वृद्धि बैंक के मजबूत वितरण नेटवर्क, बेहतर परिचालन दक्षता और अनुकूल कारोबारी वातावरण का परिणाम मानी जा रही है।

तीसरी तिमाही के दौरान बैंक का कुल जमा आधार 11 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ बढ़कर 1.57 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कुल जमा में खुदरा यानी रिटेल खंड की हिस्सेदारी बढ़कर 72 प्रतिशत हो गई है, जो बैंक की मजबूत रिटेल रणनीति को दर्शाती है। वहीं, बैंक की कुल ऋण राशि भी सालाना आधार पर करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गई है। चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) अनुपात 27.3 प्रतिशत रहा।

बंधन बैंक की वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर) 17.8 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो नियामकीय आवश्यकता से काफी अधिक है और बैंक की स्थिरता को दर्शाता है।

वर्तमान में बंधन बैंक देश के 36 में से 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। बैंक के 6,350 से अधिक बैंकिंग आउटलेट्स के माध्यम से लगभग 3.25 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही बैंक में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 74,500 से अधिक हो चुकी है।

बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने तिमाही प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तीसरी तिमाही के नतीजे बंधन बैंक के बुनियादी ढांचे में मजबूती और निरंतर सुधार को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि आगामी चौथी तिमाही में बैंक ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और विस्तार को गति देने के उद्देश्य से कई डिजिटल पहलों में तेजी लाने की तैयारी कर रहा है। बैंक एक सशक्त, लचीला और विविधीकृत वित्तीय संस्थान के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे भविष्य में सतत और लाभप्रद विकास सुनिश्चित किया जा सके।

बंधन बैंक परिसंपत्ति आधार में विविधता लाने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है, जिसमें खुदरा पोर्टफोलियो के विस्तार को रणनीतिक प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देकर दक्षता और उत्पादकता में सुधार तथा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना बैंक की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।


अगर चाहें तो मैं इसे और छोटा, प्रेस रिलीज़ स्टाइल, या अख़बार कटिंग फॉर्मेट में भी ढाल सकता हूँ।

Share This Article