रायपुर,23 जनवरी (वेदांत समाचार) । रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हुए आगजनी कांड के बाद घटनास्थल पर दीवार गिराकर महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को गंभीर बताते हुए एनएसयूआई ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए और एसआईटी या सीबीआई जांच की मांग उठाई।
एनएसयूआई का कहना है कि आगजनी के बाद साक्ष्य प्रभावित करने का प्रयास प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि जांच की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है। संगठन का आरोप है कि इस आगजनी में मध्यान्ह भोजन में कथित गड़बड़ी से जुड़े दस्तावेज, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित हजारों शिकायतें, निजी और गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की फाइलें, नौकरी आवेदनों सहित कई अहम कागजात जलकर नष्ट हो गए हैं। शिक्षा विभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे संदेह और गहराया है।
एनएसयूआई के धरने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच टीम को मौके पर भेजा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई तो शिक्षा मंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक जांच नहीं, बल्कि समयबद्ध, स्वतंत्र और निष्पक्ष रिपोर्ट से ही जनता का विश्वास बहाल हो सकता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा ने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह एक खतरनाक परंपरा को जन्म देगा, जहां साक्ष्य मिटाकर जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
इस प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव निखिल वंजारी, प्रदेश सचिव महताब हुसैन, विशाल कुकरेजा, जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, शिवांक सिंह, विधानसभा अध्यक्ष अंकित शर्मा, जिला महासचिव सेवा साहू, दिव्यांश श्रीवास्तव, यश सागर, प्रतीक ध्रुव, प्रियांशु सिंह, यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष आलोक सिंह, अनिकेत गोड़, कृष सहारे, दुर्गेश, सौरभ, हर्ष, करण, जुबैर, ईश्वर, लोमश सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



