नई दिल्ली,21 जनवरी : देश की तेल विपरण कंपनियों (OMCs) ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। यह अपडेट हर दिन सुबह की जाती है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, रुपये-डॉलर की विनिमय दर, सरकारी टैक्स और डीलर कमीशन के आधार पर कीमतें तय करती हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ता है।
क्यों जानना जरूरी है कीमतें
हर सुबह पेट्रोल और डीजल की कीमतों का अपडेट होना आम नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। इससे लोग अपनी रोजमर्रा की बजट योजना बना सकते हैं और यात्रा या परिवहन की लागत का अंदाजा लगा सकते हैं। सही जानकारी से समझदारी से फैसले लेना आसान हो जाता है।
आपके शहर में आज के दाम
आज 21 जनवरी 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जबकि, चेन्नई में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये और डीजल की कीमत 92.34 रुपये है। वहीं, मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में पेट्रोल की कीमत 106.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 91.88 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
| नई दिल्ली | 94.72 | 87.62 |
| मुंबई | 104.21 | 92.15 |
| कोलकाता | 103.94 | 90.76 |
| चेन्नई | 100.75 | 92.34 |
| अहमदाबाद | 94.49 | 90.17 |
| बेंगलुरु | 102.92 | 89.02 |
| हैदराबाद | 107.46 | 95.7 |
| जयपुर | 104.72 | 90.21 |
| लखनऊ | 94.69 | 87.8 |
| पुणे | 104.04 | 90.57 |
| चंडीगढ़ | 94.3 | 82.45 |
| इंदौर | 106.48 | 91.88 |
| पटना | 105.58 | 93.8 |
| सूरत | 95 | 89 |
| नासिक | 95.5 | 89.5 |
पिछले दो साल से कीमतें स्थिर क्यों हैं?
मई 2022 के बाद केंद्र और कई राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स में कटौती की थी। इसके बाद कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होने के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम तुलनात्मक रूप से स्थिर बने हुए हैं।
पेट्रोल-डीजल के दाम तय होने के मुख्य कारण
कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल महंगा होने पर इसका असर सीधे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम पर पड़ता है।
रुपया और डॉलर का मुकाबला: भारत ज्यादातर तेल आयात करता है। रुपया कमजोर होने पर ईंधन महंगा हो जाता है।
सरकारी टैक्स और शुल्क: केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा बनता है।
रिफाइनिंग की लागत: कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया में लागत आती है।
मांग और आपूर्ति: त्योहार, मौसम और खपत बढ़ने पर ईंधन की मांग अधिक होने से कीमतें ऊपर जाती हैं।



