मुंबई : सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने के साथ ही हवा में ठंडक बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर हमारी त्वचा और बालों पर पड़ता है। इस मौसम में त्वचा रूखी, बेजान और निर्जीव नजर आने लगती है। ठंड न केवल शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती है, बल्कि त्वचा की प्राकृतिक नमी भी कम कर देती है। ऐसे में लोग बार-बार क्रीम, लोशन और मॉइस्चराइजर का सहारा लेते हैं, लेकिन यदि शरीर की आंतरिक प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक तरीकों से मजबूत किया जाए, तो त्वचा और बाल खुद-ब-खुद स्वस्थ और चमकदार बने रहते हैं।
सर्दियों में प्रकृति हमें कई ऐसी हरी पत्तेदार सब्जियां देती है, जिनका सेवन त्वचा को मौसम की मार से बचाने में सहायक होता है। पालक, सरसों का साग, मेथी, बथुआ, पत्ता गोभी और हरी पत्तियों से बने सलाद में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं, जो न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं बल्कि त्वचा की सुंदरता में भी चार चांद लगाते हैं।
गाजर सर्दियों की प्रमुख सब्जी है। इस मौसम में लाल रंग की गाजर अधिक देखने को मिलती है, जो विटामिन-सी और विटामिन-ए से भरपूर होती है। विटामिन-सी शरीर में कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जिससे त्वचा कोमल, मुलायम और लचीली बनी रहती है, वहीं विटामिन-ए झुर्रियों को रोकने में सहायक होता है। गाजर का उपयोग फेस मास्क के रूप में भी किया जा सकता है। उबली हुई गाजर को मसलकर चेहरे पर लगाने से प्राकृतिक आभा बढ़ती है और नियमित प्रयोग से कील-मुंहासों व काले धब्बों में कमी आती है।
खीरा त्वचा के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें ‘सीलिका’ नामक सौंदर्य मिनरल पाया जाता है, जो त्वचा की रंगत निखारता है और उसे मुलायम बनाता है। खीरा एक प्राकृतिक टोनर है। तैलीय त्वचा वाले लोग खीरे का रस सीधे चेहरे पर लगाकर कुछ देर बाद धो सकते हैं। खीरे के रस में गुलाब जल मिलाकर लगाने से त्वचा तरोताजा होती है, रोमछिद्र सिकुड़ते हैं और अतिरिक्त तेल नियंत्रित होता है। आंखों के आसपास खीरे का रस या कद्दूकस किया हुआ खीरा लगाने से डार्क सर्कल कम होते हैं। खीरा खाने से त्वचा हाइड्रेट रहती है और झुर्रियों व रेडनेस की समस्या से राहत मिलती है।
पालक को सेहत का खजाना माना जाता है और इसका असर खाने व लगाने दोनों से मिलता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, विटामिन ए, सी और के के साथ-साथ आयरन, फोलेट और पोटेशियम भरपूर मात्रा में होते हैं। पालक और दही से बना फेस पैक त्वचा के पिगमेंटेशन को धीरे-धीरे कम करता है और चेहरे पर ताजगी लाता है। इसके अलावा पालक, बेसन, दूध और शहद से बना फेस पैक त्वचा को कोमल और मुलायम बनाता है। पालक का जूस भी त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है। सेब या नाशपाती और थोड़े नींबू के रस के साथ पालक का जूस पीने से झाइयां दूर होती हैं और त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है।
पत्ता गोभी भी सर्दियों में आसानी से मिलने वाली पौष्टिक सब्जी है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो वजन और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करती है। पत्ता गोभी में मौजूद विटामिन, मिनरल और सल्फर तत्व त्वचा को पोषण देकर उसे कोमल, लचीला और आकर्षक बनाते हैं। पत्ता गोभी को उबालकर उसके ठंडे पानी से चेहरे को धोने से त्वचा साफ और ताजगी से भर जाती है। वहीं पत्ता गोभी के रस को केले और शहद के साथ मिलाकर बालों पर लगाने से बाल मजबूत और चमकदार होते हैं।
सर्दियों में सलाद का सेवन भी बेहद जरूरी है। सलाद में मौजूद पोटेशियम त्वचा को ऑक्सीजन और पोषण प्रदान करता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है और त्वचा दमकने लगती है। इसमें पाए जाने वाले विटामिन ए, सी, के और जिंक बालों की वृद्धि में सहायक होते हैं और असमय सफेद होने से रोकते हैं। सलाद को कच्चा खाना अधिक लाभकारी होता है, क्योंकि पकाने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
इसलिए अगली बार जब आप बाजार जाएं, तो इन पौष्टिक हरी सब्जियों को अपनी खरीदारी सूची में जरूर शामिल करें। सर्दियों में इनका नियमित सेवन न केवल आपको स्वस्थ रखेगा, बल्कि आपकी त्वचा और बालों को भी प्राकृतिक रूप से सुंदर बनाए रखेगा।
लेखिका शहनाज़ हुसैन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ हैं और ‘हर्बल क्वीन’ के नाम से जानी जाती हैं।



