Vedant Samachar

कोल इंडिया की द्विपक्षीय समितियां निष्क्रिय, 12वें जेबीसीसीआई गठन से पहले सवालों में 11वें जेबीसीसीआई की कार्यप्रणाली

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नई दिल्ली/कोलकाता। कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited – CIL) की शीर्ष द्विपक्षीय समितियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीआईएल एपेक्स संयुक्त परामर्शदात्री समिति (Apex Joint Consultative Committee – Apex JCC) की बैठक 28 जनवरी 2026 को सीआईएल मुख्यालय में प्रस्तावित है, जबकि अन्य समितियों की बैठकें फरवरी में होने की जानकारी मिल रही है। इसी बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि कोल इंडिया की द्विपक्षीय समितियां अब केवल औपचारिकता और तफरीह तक सीमित रह गई हैं। खास बात यह है कि 12वें संयुक्त द्विपक्षीय कोयला उद्योग परिषद (12th Joint Bipartite Committee for the Coal Industry – 12th JBCI) के गठन का समय नजदीक आ चुका है और अगले महीने से इसके गठन को लेकर चर्चाएं शुरू होने की संभावना है। यदि 11वें जेबीसीसीआई (11th JBCI) के अंतर्गत गठित समितियों की गतिविधियों पर नजर डाली जाए, तो यह स्पष्ट होता है कि कोई भी बड़ा या निर्णायक फैसला अब तक नहीं हो सका है। अधिकांश समितियां “सफेद हाथी” साबित हुई हैं।

मानकीकरण समिति (Standardisation Committee)

मानकीकरण समिति को सबसे महत्वपूर्ण समिति माना जाता है, लेकिन इसके परिणाम भी सीमित ही रहे।
अब तक कुल 6 बैठकें आयोजित हुईं—

14 नवंबर 2023

6 फरवरी 2024

29 सितंबर 2024

3 जून 2025

25 सितंबर 2025

25 सितंबर 2025 की बैठक बोनस निर्धारण के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, लेकिन अन्य प्रमुख मुद्दों पर ठोस निर्णय सामने नहीं आ सके।

सरप्लस क्वार्टर सदुपयोग समिति

(Surplus Quarter Utilisation Committee)

गठन: 19 दिसंबर 2023

पहली बैठक: 20 मार्च 2024

दूसरी बैठक: 28 अगस्त 2024

तीसरी बैठक: 5 सितंबर 2024

परिणाम: बैठकों में आंकड़ों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगे। सभी अनुषंगी कंपनियों (Subsidiary Companies) में फिजिकल निरीक्षण (Physical Visit) का निर्णय लिया गया, लेकिन अब तक किसी भी कंपनी का दौरा नहीं हो सका।

टेक्निकल सब कमेटी

(Technical Sub-Committee – Cadre Related) कर्मचारियों के कैडर से जुड़े अहम मुद्दों पर गठित इस समिति की अब तक केवल दो बैठकें हो पाई हैं—

25 जनवरी 2024

6 जून 2025

दूसरी बैठक में ड्राफ्ट कैडर स्कीम (Draft Cadre Scheme) पर राय लेने के लिए सभी कंपनियों के दौरे का निर्णय हुआ था, लेकिन एक कंपनी को छोड़कर किसी भी कंपनी में दौरा नहीं किया गया।

अन्य उप-समितियों की स्थिति

सीपीआरएमएस-एनई स्थिरता समिति (Centralised Personnel Related Management System – Non Executives Stability Committee) इस समिति ने अपनी दूसरी बैठक में ही सुझाव तय कर मानकीकरण समिति को अनुशंसा भेज दी, लेकिन वह अब तक लंबित है।

अनुकम्पा नियोजन एसओपी समीक्षा समिति
(Compassionate Appointment Standard Operating Procedure Review Committee) इस उप-समिति ने भी अपनी रिपोर्ट मानकीकरण समिति को सौंप दी है, जो फिलहाल लंबित पड़ी हुई है।

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