Vedant Samachar

केरेगांव हत्या कांड में बड़ा फैसला: तीन आरोपियों को आजीवन कारावास, मजबूत विवेचना से हुआ दोष सिद्ध

Vedant samachar
3 Min Read

धमतरी, 17 जनवरी (वेदांत समाचार)। जिले के थाना केरेगांव क्षेत्र के बहुचर्चित हत्या प्रकरण में माननीय प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय, धमतरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपियों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक पर 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला थाना केरेगांव के अपराध क्रमांक 37/24, धारा 302, 34 एवं 201 भादवि के तहत पंजीबद्ध था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 मई 2024 की रात्रि केरेगांव क्षेत्र में पीकअप वाहन चालक पंकज ध्रुव की चाकू से प्राणघातक हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी सउनि. प्रदीप सिंह के नेतृत्व में थाना केरेगांव पुलिस एवं साइबर टीम द्वारा त्वरित एवं सघन विवेचना प्रारंभ की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, मुखबिरों से प्राप्त सूचना तथा प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की। ठोस साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उनके मेमोरेंडम कथन लिए गए। इन कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त चाकू, मोटरसाइकिल एवं वारदात के समय पहने गए कपड़े गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त किए गए।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने शराब के नशे में मामूली विवाद के दौरान गुस्से में आकर मृतक पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए समयबद्ध रूप से न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।

इस प्रकरण में आरोपी चन्द्रेश देवदास (19 वर्ष), हरीश साहू (23 वर्ष) एवं रोशन यादव (21 वर्ष), तीनों निवासी नयापारा गोकुलपुर, थाना धमतरी, जिला धमतरी हैं। न्यायालय ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

धमतरी पुलिस द्वारा की गई वैज्ञानिक, निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक धमतरी ने इस प्रकरण के विवेचक सउनि. प्रदीप सिंह को उत्कृष्ट कार्य के लिए सेवा पुस्तिका में नगद ईनाम देकर पुरस्कृत किया है। यह निर्णय न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी माना जा रहा है।

Share This Article