बिलासपुर, 11 जनवरी (वेदांत समाचार)। महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले में आरोपी बनाए गए रायपुर पुलिस में पदस्थ एएसआई चंद्रभूषण वर्मा को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि जब तक आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित है, तब तक एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच नहीं चलाई जा सकती।
मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू की एकलपीठ में हुई। एएसआई चंद्रभूषण वर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर स्थगन लगा दिया।
उल्लेखनीय है कि रायपुर निवासी चंद्रभूषण वर्मा के खिलाफ महादेव ऑनलाइन सट्टा केस में अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामले में पुलिस द्वारा चार्जशीट भी न्यायालय में पेश की जा चुकी है। इसके बाद 26 सितंबर 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायपुर ने एएसआई के विरुद्ध विभागीय आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच की कार्रवाई शुरू कर दी थी।
विभागीय जांच के खिलाफ एएसआई चंद्रभूषण वर्मा ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायदृष्टांतों का हवाला देते हुए दलील दी कि जब किसी शासकीय कर्मचारी के खिलाफ समान आरोपों पर आपराधिक मामला न्यायालय में विचाराधीन हो, तो उसी आधार और समान साक्षियों के साथ विभागीय जांच नहीं की जा सकती।
हाई कोर्ट ने अधिवक्ताओं के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि आपराधिक मामले के लंबित रहते हुए समान आरोपों पर विभागीय जांच कानूनन उचित नहीं है। इसी आधार पर कोर्ट ने एएसआई चंद्रभूषण वर्मा के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर रोक लगाने का आदेश दिया।
इस फैसले को महादेव सट्टा केस से जुड़े अन्य मामलों के लिए भी अहम माना जा रहा है।



