नई दिल्ली। कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतनमान में सुधार को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद अब कोल इंडिया के अधिकारियों को महारत्न कंपनियों के अनुरूप संशोधित वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे। लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करने की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।
कोल इंडिया के अधिकारियों द्वारा पे-स्केल अपग्रेडेशन की मांग काफी समय से उठाई जा रही थी। मंत्रालय की स्वीकृति के बाद अब कागजी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कोल माइंस ऑफिसर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अब केवल औपचारिक पत्र जारी होना बाकी है। पत्र जारी होते ही वेतनमान में संशोधन लागू कर दिया जाएगा।
इस बीच 7 जनवरी को कनीय अधिकारियों द्वारा जबलपुर हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कोल इंडिया की ओर से इस फैसले का उल्लेख किए जाने की संभावना है। इसके बाद कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा इसे सार्वजनिक रूप से अधिसूचित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय कोयला सचिव को निर्देश दिया था कि वे निर्धारित समय सीमा में अंतिम निर्णय लें, अन्यथा उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा।
कनीय अधिकारियों की याचिका में यह मुद्दा उठाया गया था कि कोयला कर्मचारियों के 11वें वेतन समझौते (एनसीडब्ल्यूए-11) के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में असमानता पैदा हो गई है। कई मामलों में कर्मचारियों का वेतन अधिकारियों से अधिक हो गया था, जिससे असंतोष बढ़ा और मामला न्यायालय तक पहुंच गया।
अप्रैल 2025 में जबलपुर हाईकोर्ट ने कोयला मंत्रालय द्वारा गठित एक समिति को अधिकारियों के वेतन अपग्रेडेशन पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया था। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के बाद शुरू हुई थी, जिनमें वेतन विसंगतियों की समीक्षा और समाधान के लिए कहा गया था। इसके तहत कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव भवानी प्रसाद पती के नेतृत्व में गठित समिति ने कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतन ग्रेड अपग्रेडेशन पर अपनी महत्वपूर्ण रिपोर्ट और सिफारिशें सौंपी थीं।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतनमान को अन्य महारत्न कंपनियों जैसे ओएनजीसी और एनटीपीसी के समकक्ष लाया जाए, ताकि अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में संतुलन बना रहे। मंत्रालय ने इन सिफारिशों को स्वीकार करते हुए अब वेतनमान संशोधन को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद कोल इंडिया के अधिकारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और उन्हें एरियर मिलने की संभावना भी बढ़ गई है। अनुमान है कि इस पे-स्केल अपग्रेडेशन से कंपनी पर सालाना लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, हालांकि प्रबंधन इसे अधिकारियों के मनोबल और संगठनात्मक संतुलन के लिए आवश्यक कदम मान रहा है।
संशोधित अनुशंसित वेतनमान के अनुसार ई-वन ग्रेड के अधिकारियों का न्यूनतम वेतन अब 40,000 रुपये से बढ़कर महारत्न मानकों के अनुरूप किया जाएगा। प्रस्तावित वेतन ग्रेड इस प्रकार हैं—ई-वन ग्रेड ₹60,000 से ₹1,80,000, ई-टू ग्रेड ₹70,000 से ₹2,00,000, ई-थ्री ग्रेड ₹80,000 से ₹2,20,000, ई-फोर ग्रेड ₹90,000 से ₹2,40,000, ई-सिक्स ग्रेड ₹1,20,000 से ₹2,80,000 और सीएमडी व एसए ग्रेड के लिए ₹2,00,000 से ₹3,70,000 तक का वेतनमान प्रस्तावित किया गया है।
कोल इंडिया के अधिकारियों के लिए यह फैसला न केवल आर्थिक रूप से राहत देने वाला है, बल्कि वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगति को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।



