Vedant Samachar

विकसित भारत 2047 के तहत ग्रामीण विकास का नया ढांचा ऐतिहासिक कदम : अमर अग्रवाल

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विनीत चौहान,बिलासपुर,08 जनवरी (वेदांत समाचार)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार किया गया है, जो ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन से संबंधित नया विधेयक ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

श्री अग्रवाल ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि इस नए बिल के तहत अब ग्रामीणों को 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में यह सीमा बढ़ाकर 150 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस विधेयक को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि संसद में विस्तृत चर्चा के बाद सभी दलों की भागीदारी से यह विधेयक पारित हुआ है।

उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दलों को “विकसित” और “राम” जैसे शब्दों से ही आपत्ति होने लगी है। श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण रोजगार योजनाएं कोई नई अवधारणा नहीं हैं। 1980 के दशक से पहले भी देश में रोजगार आधारित योजनाएं संचालित होती रही हैं, जिन्हें समय-समय पर सरकारों ने आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित और नामांतरित किया।

उन्होंने बताया कि श्रीमती इंदिरा गांधी ने विभिन्न रोजगार योजनाओं को एकीकृत कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना का नाम दिया, जिसे बाद में राजीव गांधी ने जवाहर रोजगार योजना किया। वर्ष 2004 में कांग्रेस सरकार ने इसे नरेगा और 2005 में मनरेगा नाम दिया। इसी प्रकार, ग्रामीण आवास योजना का नाम बदलकर इंदिरा आवास योजना किया गया तथा ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना नाम दिया गया।

अमर अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों में गांधी-नेहरू परिवार के नाम जोड़े और अन्य महान नेताओं जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाषचंद्र बोस और लाल बहादुर शास्त्री के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि खेल रत्न पुरस्कार तक को राजीव गांधी के नाम पर रखा गया।

उन्होंने बताया कि अब ग्रामीण भारत की परिस्थितियां बदल चुकी हैं। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण गरीबी दर 25.7 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में घटकर 4.86 प्रतिशत रह गई है। आजीविका के साधनों में भी विविधता आई है। पुराना मॉडल वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं था, इसलिए नई जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नया ढांचा तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों तक खेतिहर मजदूरों के लिए कार्य रोका जाएगा, ताकि कृषि कार्यों के समय श्रमिकों की कमी न हो। वहीं मनरेगा में जहां पहले 15 दिनों में भुगतान होता था, अब नए बिल के तहत हर सप्ताह भुगतान की व्यवस्था की गई है।

श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राजभवन को लोकभवन, राजपथ को कर्तव्य पथ, रेसकोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग और प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ का नाम देकर देश की सोच और संस्कृति को नई दिशा दी है।

प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर मिश्रा, भाजपा बिलासपुर शहर जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल, महापौर पूजा विधानी, जिला मीडिया प्रभारी के.के. शर्मा, जिला सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय तथा सोशल मीडिया प्रभारी देवेश खत्री उपस्थित रहे।

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