Vedant Samachar

किसानों के समर्थन में भाजपा नेता बद्री अग्रवाल उतरे मैदान में, कलेक्टर से धान खरीदी केंद्र में प्रबंधक और फड़ प्रभारी की शिकायत,

Vedant Samachar
4 Min Read

कोरबा,07 जनवरी (वेदांत समाचार) । प्रदेश में लगातार डबल इंजन की भाजपा सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति पथ पर चल रहा है ऐसे में कोरबा जिले के धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए धान खरीदी में किसी प्रकार की असुविधा न हो करके उनके लिए बैठने, प्रसाधन और हमाल की व्यवस्था हेतु सहकारी समिति के प्रबंधकों को राशि जारी की जाती है, जिस राशि का उपयोग धान के रख रखाव के साथ किसानों के बैठने और प्रसाधन की व्यवस्था करनी थी, लेकिन आज वर्तमान समय में धन खरीद केंद्र प्रारंभ हुए 50 दिन से अधिक जो रहा है और आज भी धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्था शून्य है, कोरकोमा और सोनपुरी धान खरीदी केंद्र में वर्तमान समय में ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आती है, किसानों के साथ लगातार धोखा हो रहा है और समिति प्रबंधक पैसों का बंदरबांट करते नजर आ रहे है |

जिसकी शिकायत भाजपा नेता बद्री अग्रवाल ने कोरबा जिलाधीश से की है, श्री अग्रवाल ने ज्ञापन में लिखा है जी वहीं किसानों से हमाली का कार्य भी लिया जा रहा है साथ ही किसान अपने पैसों से हमाल लेकर धान बेचने आ रहे है, किसान और हमाल मिलाकर बोरे में धान पलटी कर रहे है बोरे की तौल और सिलाई कर रहे है, कही – कही तो किसान से स्टेकिंग का कार्य भी लिया जा रहा है, धान खरीदी केंद्रों में नोडल अधिकारीयों की भी नियुक्ति की गई है लेकिन वर्तमान समय में किसानों के फोन नोडल अधिकारियों के द्वारा नही उठाया जाता हैं और उठाए जाने के बाद भी किसी प्रकार की शिकायत पर कार्यवाही नहीं की जाती है, शिकायत पर कार्यवाही नहीं होने से और किसानों को जानकारी के अभाव में धान खरीदी केंद्र प्रबंधक और फड़ प्रभारी किसानों को चुना लगा रहे है, किसानों से अतिरिक्त धान भी लिए जा रहे है, किसानों से 40 किलो धान और बोरे के वजन को लेकर 40 किलो 700 ग्राम तक धान लेने का है लेकिन किसानों से 40 किलो 900 ग्राम तक धान लिया जा रहा है |

कोरकोमा धान खरीदी केंद्र में किसानों से 40 किलो 830 ग्राम धान लेने का जांच में खुलासा हुआ है 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है और आज दिनांक तक लगातार समिति प्रबंधन द्वारा किसानों से अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, जो कि सुशासन सरकार की महत्वकांक्षी योजना पर पतीला लगाने जैसा प्रतीत होता है, लगातार मीडिया में खबर भी प्रकाशन हो रहे है लेकिन कार्यवाही नहीं होने का अभाव नजर आ रहा है ऐसे में समिति के प्रबंधक, फड़ प्रभारी और नोडल अधिकारी के ऊपर कड़ी कार्यवाही की मांग की गई है, नियम के प्रावधान के अनुसार किसान अगर धान लेकर आता है और समिति में हमाल नहीं है तो किसान अपने हमाल से कार्य करा कर उसका भुगतान अपने खाते में प्राप्त कर सकता है लेकिन किसानों को अभी तक किसी प्रकार का भुगतान समिति प्रबंधक द्वारा नहीं किया गया है ।

Share This Article