भारत ने 132 कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट लगाए हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 920 टन प्रतिदिन है और सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टुवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन (SATAT) पहल के तहत आगे और क्षमता जोड़ी जा रही है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स खुद इसके बारे में जानकारी दी है.
सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्री ने कहा कि CBG कार्यक्रम खेती के अपशिष्ट और जैविक कचरे को स्वच्छ ईंधन में बदलने में मदद कर रहा है, साथ ही ग्रामीण आय को सहारा दे रहा है और प्रदूषण घटाने में भी मदद कर रहा है. उन्होंने कहा कि जो पहले कचरा था, वही अब विकास को ऊर्जा दे रहा है. आज भारत में 132 कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट हैं, जो 920 TPD उत्पादन कर रहे हैं और SATAT के तहत आगे और क्षमता तैयार हो रही है.
SATAT का कमाल!
SATAT को 1 अक्टूबर, 2018 को देशभर में कचरे और बायोमास स्रोतों से CBG उत्पादन का माहौल बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, इस पहल के तहत IOCL, BPCL, HPCL, GAIL और IGL जैसी तेल और गैस मार्केटिंग कंपनियों ने CBG की खरीद और बिक्री के लिए उद्यमियों से रुचि पत्र आमंत्रित किए हैं. अलग से, मंत्री ने भारत में घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए उठाए गए हालिया कदमों पर भी ध्यान दिलाया. पुरी ने कहा कि दिसंबर 2025 में भारत ने तेल, गैस और कोल बेड मीथेन से जुड़ी 50 नई खोज और उत्पादन संपत्तियां पेश की हैं, जिसे उन्होंने देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया.
क्या होगा खास
केंद्रीय मंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि हम ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP-X) के तहत 25 ब्लॉक, डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (DSF-IV) के तहत 9 कॉन्ट्रैक्ट क्षेत्रों/ब्लॉकों में 55 फील्ड, विशेष CBM बोली राउंड 2025 और 2026 के तहत 3 ब्लॉक (2025) और 13 ब्लॉक (2026) सहित कुल 50 नए E&P ब्लॉक पेश कर रहे हैं. ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी के तहत लगभग 1.83 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाले 25 ब्लॉक पेश किए जा रहे हैं, जिनमें जमीन पर, उथले पानी, गहरे पानी और बेहद गहरे पानी के ब्लॉक शामिल हैं.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इन ब्लॉकों में कॉन्ट्रैक्ट अवधि के दौरान खोज, रॉयल्टी दरों में राहत और काम के कार्यक्रमों में लचीलापन दिया गया है. डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड बिड राउंड-IV में नौ कॉन्ट्रैक्ट क्षेत्रों की 55 खोजें शामिल हैं, जिनमें गहरे पानी वाले क्षेत्रों के लिए पहले सात साल तक शून्य रॉयल्टी और आसान पात्रता शर्तों जैसे प्रोत्साहन दिए गए हैं. ANI के मुताबिक, कोल-बेड मीथेन राउंड में भी इसी तरह के प्रोत्साहन लागू किए गए हैं, जिनमें 2026 के राउंड में अनिवार्य ड्रिलिंग के लिए कीमत तय करने की छूट और लागत की भरपाई शामिल है. पुरी ने यह भी कहा कि ऑयलफील्ड्स (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) संशोधन अधिनियम, 2025 और PNG नियम 2025 ने इस सेक्टर में कारोबार करना आसान बनाने के लिए एक समान नियामकीय ढांचा पेश किया है.



