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जांजगीर कलेक्टर ने पीएम अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना को लेकर बैंकर्स की बैठक ली, 885 ऋण प्रकरणों का लक्ष्य

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जांजगीर-चांपा, 2 जनवरी 2026। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैंकर्स की बैठक लेकर प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम अजय) के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु अभ्युदय ऋण प्रकरणों का त्वरित परीक्षण कर समयबद्ध स्वीकृति प्रदान की जाए, जिससे हितग्राहियों को शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सके।

बैठक में कलेक्टर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे सहित संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में कहा कि योजना का उद्देश्य केवल ऋण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि हितग्राहियों को स्थायी स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी को निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाले आजीविका एवं रोजगार ऋण मेला के दौरान प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना से संबंधित स्टॉल अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राही योजना की जानकारी प्राप्त कर आवेदन के लिए प्रोत्साहित हो सकें।

बैठक में बताया गया कि राज्य शासन द्वारा जांजगीर-चांपा जिले के लिए प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत कुल 885 ऋण प्रकरणों का लक्ष्य स्वीकृत किया गया है। कलेक्टर ने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में की जाएगी।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत किराना, मनिहारी, कपड़ा दुकान, नाई सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैंसी स्टोर, मोटर मैकेनिक, साइकिल मरम्मत, टीवी-रेडियो-मोबाइल रिपेयरिंग, वेल्डिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोना-पत्तल निर्माण, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप अन्य आयजनक व्यवसायों के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाता है। जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि आवेदक जिस स्थान पर व्यवसाय करना चाहता है, वहां की आवश्यकता के अनुसार अन्य व्यवसायों के लिए भी आवेदन कर सकता है, बशर्ते उसे उस व्यवसाय का सामान्य अनुभव और जानकारी हो। ऋण की स्वीकृति संबंधित बैंक द्वारा दी जाती है।

योजना के तहत व्यवसाय के अनुसार न्यूनतम एक लाख रुपये तक के ऋण प्रकरण में स्वीकृत ऋण के विरुद्ध 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक की अनुदान राशि, जो भी कम हो, जिला अंत्यावसायी विभाग द्वारा प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का अनुसूचित जाति वर्ग का होना, जिले का मूल निवासी होना तथा आयु 18 से 50 वर्ष के मध्य होना अनिवार्य है। आवेदक की वार्षिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जाति, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति, चार पासपोर्ट साइज फोटो सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा। साथ ही यह भी आवश्यक है कि आवेदक पर किसी शासकीय योजना का पूर्व ऋण बकाया न हो।

इच्छुक आवेदक कार्यालयीन समय में कार्यालय जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित, जांजगीर-चांपा, भारतीय स्टेट बैंक के बगल में, विश्राम गृह के सामने स्थित पुराने जनपद पंचायत नवागढ़ सभा भवन, जांजगीर में संपर्क कर आवेदन-पत्र जमा कर सकते हैं।

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