मुंबई : रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी बादशाहत साबित कर दी है. अब बारी है इसे बनाए रखने की. यूं तो 1100 करोड़ छाप चुकी धुरंधर के पास अभी कुर्सी पर बैठे रहने का पूरा-पूरा मौका है, क्योंकि पार्ट 2 अबतक आया नहीं है. जबकि, पहली वाली फिल्म ही थिएटर्स में लगातार भौकाल काटे हुए है. इस वक्त देखा जाए, तो रणवीर सिंह की पिक्चर ने दुनियाभर से 1100 करोड़ का कारोबार कर लिया है. वहीं, दूसरी तरफ भारत की कमाई है, जो 700 करोड़ के पार पहुंच चुकी है. बस उम्मीद है अब जल्द ही यह हिंदी की सबसे बड़ी फिल्म बनकर उभरे. लेकिन नए साल की शुरुआत के साथ ही DHURANDHAR ने कई बड़ी फिल्मों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है. लिस्ट में यश तो शामिल हैं ही, क्योंकि उनसे क्लैश होने वाला है. लेकिन सनी पाजी की टेंशन भी बढ़ने वाली है. वो भी ‘धुरंधर’ के ‘खौफनाक’ एरिया में ही है.
अगर आप समझ रहे हैं कि हम यहां BORDER 2 की बात कर रहे हैं, तो जरा ठहरिए क्योंकि आप गलत है. बेशक धुरंधर की आंधी 23 जनवरी तक चल भी जाए, तो भी सनी देओल की अपकमिंग फिल्म का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी. लेकिन हां इसी फिल्म का सीक्वल सनी देओल की एक दूसरी फिल्म का खेल खत्म कर सकता है. ऐसे में अभी ही कोई बड़ा फैसला लेना होगा, वरना 7 दिन बाद जो वार होगा, वो बॉक्स ऑफिस का पूरा गणित बिगाड़ने की क्षमता रखता है. आखिर यहां किस बड़ी फिल्म की बात हो रही है, जान लीजिए.
सनी देओल Vs ‘धुरंधर 2’ Vs टॉक्सिक
जिस तरह Dhurandhar का भौकाल देखने को मिला है, ऐसे में सीक्वल से बचकर रहने की जरूरत है, क्योंकि जब 28 दिनों तक पहला पार्ट बिना सिंगल डिजिट में जाए कमाई कर सकता है. तो जरा सोचिए पार्ट 2 क्या-क्या नहीं करेगा. खासकर सीक्वल को लेकर तगड़ा माहौल भी बना है, जो 19 मार्च को रिलीज होगा. इसी दिन यश की TOXIC भी रिलीज होने जा रही है. लेकिन इस क्लैश से ज्यादा नुकसान सनी पाजी को होगा. क्योंकि 13 मार्च को उनकी फिल्म GABRU रिलीज होने वाली है. जबकि, 19 मार्च को ही धुरंधर 2 आ रही है. दोनों फिल्मों के बीच महज 7 दिन का गैप है. तो सनी देओल को जितना भी कमाना है, वो पहले के 7 दिनों में ही कमाना होगा. क्योंकि उसके बाद बिजनेस पूरी तरह से बिखर जाएगा. या तो फिर एक्टर अपनी फिल्म की रिलीज डेट बदल लें, जिससे नुकसान न झेलना पड़ा.
ये 3 चीजें बन रही हैं खतरा!
स्क्रीन काउंट और शो का बंटवारा: नई फिल्में आने से पहले ही ज्यादा शोज की मांग करती हैं. खासकर जब पहला पार्ट इतना तगड़ा रहा हो, तो डिस्ट्रीब्यूटर्स को खास मेहनत करने की जरूरत भी नहीं है. अगर ‘गबरू’ को रिलीज हुए सिर्फ एक हफ्ता हुआ होगा, तो दूसरे हफ्ते में उसके शो कम कर दिए जाएंगे. धुरंधर 2 को ज्यादा इंपॉर्टेंस मिलेगी, जिसका नुकसान सिंगल स्क्रीन्स में दिख सकता है.
ऑडियंस का झुकाव- जनता पहले ही धुरंधर देख चुकी है और आगे की कहानी देखने के लिए एक्साइटेड हैं. तो फिर 7 दिन में दो बार थिएटर जाए जरूरी नहीं. वो ‘वेट एंड वॉच’ पॉलिसी अपनाकर फिल्म चुनते हैं, जिसका हाइप ज्यादा है. तो इस मामले में भी धुरंधर को ही फायदा होगा.



