नई दिल्ली,02जनवरी : उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व में वन भैंसा (Wild Buffalo) के संरक्षण को लेकर बड़ी पहल सामने आई है, जहां रिज़र्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 17 गांवों के स्थानीय समुदायों ने राज्य पशु वन भैंसा के संरक्षण और पुनर्वास के लिए अपना समर्थन जताया है, 1 जनवरी 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार इन गांवों के लोगों ने वन विभाग के साथ मिलकर मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को मजबूत करने, जैव विविधता बचाने और संरक्षण कार्यों में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिया है, बताया गया कि वन भैंसा छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए पारिस्थितिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण प्रजाति है, जिसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन, सुरक्षित आवास, निगरानी, आजीविका सहयोग और समुदाय आधारित संरक्षण मॉडल अपनाया जा रहा है, नानकशाही/सेंट्रल इंडियन लैंडस्केप के तहत राज्यों के बीच समन्वय और पुनर्वास योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें विश्वास में लेकर योजनाएं लागू की जाएं तो वे वन भैंसा संरक्षण में पूरी मदद करेंगे, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय समुदायों की भागीदारी से न सिर्फ वन भैंसा बल्कि पूरे क्षेत्र की जैव विविधता को दीर्घकालीन संरक्षण मिलेगा।



