जांजगीर-चांपा,02जनवरी (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ पुलिस की रजत जयंती के अवसर पर महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा 11 दिवसीय “अभिव्यक्ति महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान” का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान 1 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा।
अभियान का शुभारंभ 1 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन जांजगीर स्थित CCTNS कक्ष में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि पंचम अपर सत्र न्यायाधीश जांजगीर प्रियंका अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे द्वारा किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके सुरक्षा संबंधी अधिकारों, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन सहायता तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना है। जन-जागरूकता के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा विकसित “अभिव्यक्ति ऐप” का बड़े स्तर पर प्रचार किया जा रहा है। महिलाओं एवं युवतियों के मोबाइल फोन में इस ऐप को डाउनलोड कर उनका पंजीकरण कराया जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में वे त्वरित पुलिस सहायता प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही चाइल्ड सेफ्टी मॉड्यूल के अंतर्गत बच्चियों से जुड़े अपराधों की रोकथाम एवं ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता फैलाई जाएगी। यह ऑनलाइन सेफ्टी मॉड्यूल कुल नौ महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि महिला शक्ति किसी भी समाज की प्रगति की आधारशिला होती है। सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती हैं। इसी उद्देश्य से रजत जयंती वर्ष के दौरान महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सुरक्षा की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है, ताकि महिला सशक्तिकरण की इस पहल को और अधिक मजबूती मिल सके। यह अभियान केवल उत्सव का प्रतीक नहीं, बल्कि नारी सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व सांसद कमला देवी पाटले, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी सहित समाज की कई प्रतिष्ठित महिलाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। पुलिस का यह प्रयास महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित, सशक्त और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।



