नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नीतियों, आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो जनवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा को प्रशासनिक और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। गृह मंत्री के आगमन को लेकर द्वीप प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अमित शाह दो जनवरी को श्री विजयापुरम पहुंचेंगे, जहां एयरपोर्ट पर उनका स्वागत उपराज्यपाल डीके जोशी करेंगे। दौरे के दौरान गृह मंत्री कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और द्वीप समूह की प्रशासनिक स्थिति की समीक्षा करेंगे। तीन जनवरी को वे वांडूर में आयोजित गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में गृह मंत्रालय से जुड़े प्रमुख नीतिगत, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री डॉ. बी. आर. आंबेडकर प्रौद्योगिकी संस्थान के सभागार में भारतीय न्याय संहिता से जुड़े एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में देश में लागू हो रहे कानूनी सुधारों, कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। गृह मंत्री चार जनवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से रवाना होंगे। इससे पहले वे प्रशासनिक अधिकारियों से अनौपचारिक मुलाकात कर स्थानीय मुद्दों और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ले सकते हैं।
इस बीच, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) अनिल चौहान का भी अंडमान और निकोबार दौरा प्रस्तावित है। वे दो जनवरी को अंडमान पहुंचेंगे और तीन जनवरी को कार निकोबार तथा अंडमान-निकोबार कमान का दौरा करेंगे। इस दौरान वे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा तैयारियों और रणनीतिक पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
अंडमान-निकोबार दौरे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनवरी के पहले सप्ताह में तमिलनाडु का भी दौरा करेंगे। 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में भाजपा की मौजूदगी सीमित है, जहां पार्टी के पास फिलहाल 4 सीटें और लगभग 2.5 प्रतिशत वोट शेयर है। ऐसे में भाजपा का मुख्य उद्देश्य सत्ता हासिल करने से ज्यादा संगठन को मजबूत करना है। इस दौरे के दौरान संगठन विस्तार, एआईएडीएमके के साथ गठबंधन को और मजबूत करने, सीट बंटवारे को लेकर रणनीति तय करने और शहरी व युवा मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने पर जोर दिया जाएगा। द्रविड़ राजनीति के मजबूत गढ़ तमिलनाडु में भाजपा भविष्य की तैयारी के तहत अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।



