Vedant Samachar

बैंक मैनेजर की सतर्कता से बची बुजुर्ग महिला की 1.27 करोड़ की जमा पूंजी

Vedant Samachar
3 Min Read

प्रयागराज ,01 जनवरी । देश में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठग नए-नए तरीके अपना रहे हैं। यूपी के प्रयागराज से सामने आया एक मामला सभी के लिए चेतावनी है, जहां एक बुजुर्ग महिला से 1 करोड़ 20 लाख रुपये की साइबर ठगी होने से ऐन वक्त पर बचाव हो गया।

सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे चंचल श्रीवास्तव नामक बुजुर्ग महिला पंजाब नेशनल बैंक की सिविल लाइंस शाखा पहुंचीं। उन्होंने बैंक के फ्रंट ऑफिस स्टाफ से एक खाते में 1 करोड़ 20 लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। महिला की घबराई हुई स्थिति और इतनी बड़ी रकम देखकर कर्मचारियों को संदेह हुआ और तत्काल शाखा के चीफ मैनेजर विपिन कुमार को सूचना दी गई।

खाते की जांच में खुली साजिश
चीफ मैनेजर ने महिला से बातचीत की, लेकिन उनके जवाब सामान्य नहीं लगे। संदेह होने पर जिस खाते में रकम ट्रांसफर की जानी थी, उसकी जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि वह कोटक महिंद्रा बैंक का एक करंट अकाउंट है, जिसे अक्टूबर में ही खोला गया था और वह खाता झारखंड के रांची का है। इसके बाद मामला पूरी तरह संदिग्ध हो गया।

डिजिटल अरेस्ट और इनकम टैक्स कार्रवाई का डर
बैंक प्रबंधन ने तुरंत साइबर क्राइम थाना पुलिस को सूचना दी और महिला को बातचीत में व्यस्त रखकर बैंक में ही रोका गया। बाद में पता चला कि साइबर ठगों ने महिला को इनकम टैक्स कार्रवाई और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर मानसिक दबाव में रखा था। इसी डर के चलते वह अपनी पूरी जमा-पूंजी ट्रांसफर करने बैंक पहुंची थीं।

बेटे से संपर्क होते ही सच्चाई आई सामने
चीफ मैनेजर ने महिला के विदेश में रह रहे बेटे से संपर्क किया। बातचीत के बाद पूरी साजिश का खुलासा हो गया। बैंक मैनेजर ने एफडी तुड़वाने की प्रक्रिया होने के बावजूद एक भी रुपया ठगों के खाते में ट्रांसफर नहीं होने दिया, जिससे महिला की जीवनभर की कमाई सुरक्षित रह सकी।

1.27 करोड़ रुपये थे जमा
बताया गया कि चंचल श्रीवास्तव सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। उनके सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट और वरिष्ठ नागरिक खाते में कुल 1 करोड़ 27 लाख रुपये जमा थे। यदि बैंककर्मियों ने सतर्कता नहीं दिखाई होती, तो यह पूरी राशि साइबर ठगों के हाथों जा सकती थी।

बैंककर्मियों की सराहना
पीएनबी के जोनल महाप्रबंधक दीपक सिंह ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि आरबीआई और पीएनबी की गाइडलाइंस के अनुसार बड़ी रकम के लेनदेन में बरती गई सतर्कता के कारण यह बड़ी साइबर ठगी टल सकी।

यह मामला एक गंभीर चेतावनी है कि डिजिटल अरेस्ट, इनकम टैक्स या पुलिस कार्रवाई के नाम पर आने वाली कॉल्स से सतर्क रहें, क्योंकि एक छोटी चूक जीवनभर की कमाई को खतरे में डाल सकती है।

Share This Article