नई दिल्ली,31 दिसंबर । आगामी चुनावों से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR 2.0) चलाया है। इस अभियान के तहत जारी ताजा ड्राफ्ट मतदाता सूची में देशभर से 3.68 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, यह कदम उन नामों को हटाने के लिए उठाया गया है जो अब मतदाता होने के योग्य नहीं हैं या तकनीकी कारणों से एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे।
नाम हटाने के मुख्य कारण
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया गया, जिसके बाद नामों को तीन श्रेणियों में चिन्हित किया गया:
मृत मतदाता: जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है।
स्थानांतरित (ASD): वे मतदाता जो उस निर्वाचन क्षेत्र में अब निवास नहीं करते।
दोहरा पंजीकरण: एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग जगह दर्ज होना।
राज्यों में प्रभाव: मध्य प्रदेश सबसे आगे
आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में सबसे अधिक करीब 42 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। वहीं केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में नाम हटने का प्रतिशत सबसे ज्यादा लगभग 16.72 प्रतिशत रहा। छत्तीसगढ़ और केरल में 5 से 9 प्रतिशत तक नामों में कटौती दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे चुनावी राज्यों में भी यह प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
दावे और आपत्तियों का मौका
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि जारी सूची केवल ड्राफ्ट है। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो वह दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकता है। इसके लिए 15 जनवरी 2026 तक का समय दिया गया है, हालांकि कुछ राज्यों में तिथियां अलग हो सकती हैं। अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 के मध्य प्रकाशित होने की संभावना है।
ऑनलाइन ऐसे जांचें अपना नाम
मतदाता घर बैठे आसानी से अपना नाम जांच सकते हैं:
voters.eci.gov.in या electoralsearch.eci.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
EPIC नंबर (वोटर आईडी) डालकर खोजें।
नाम, पिता का नाम और राज्य के जरिए भी विवरण देखा जा सकता है।
यदि नाम सूची में नहीं मिले, तो तुरंत फॉर्म 6 भरकर नए पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपना नाम जांच लें, ताकि चुनाव के समय किसी भी तरह की परेशानी न हो।



