- ‘हक़’ की सफलता पर यामी गौतम धर का आया दिल जीत लेने वाला बयान, जानें क्या कहा…
परफॉर्मेंस और बड़े पर्दे के यादगार पलों से भरे इस साल में एक नाम लगातार सबसे अलग नज़र आया और वो है यामी गौतम धर। हक़ के ज़रिए अभिनेत्री ने न सिर्फ़ साल की सबसे असरदार फिल्मों में से एक दी, बल्कि भारतीय सिनेमा की बेहतरीन कलाकारों में अपनी जगह भी पक्की की। हक़ को जहाँ आलोचकों से तारीफ़ मिली, वहीं यह एक भावनात्मक कहानी बनकर देशभर के दर्शकों के दिलों को भी छू गई।
फिल्म को मिल रहे रिएक्शंस पर हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में यामी ने कहा, “हक़ मेरे करियर की सबसे ज़्यादा सराही गई फिल्मों में से एक है और जिसने भी यह फिल्म देखी है, उसने यही कहा कि यह फिल्म उन्हें दिल से छू गई। मुझे इतने सारे मैसेज मिले हैं जो बहुत ही निजी और भावनात्मक हैं। मैं सच में मानती हूँ कि इसका श्रेय सभी को जाता है। यह कभी किसी एक व्यक्ति की बात नहीं होती, न ही किसी एक का सफर या किसी एक की सफलता होती है, और मैं इसी सोच के साथ काम करती हूँ। इसलिए मैं कभी यह नहीं कह सकती कि यह सिर्फ मेरी फिल्म थी या मेरी ही सफलता थी।”
यह सादगी हक़ की भावना को ही दिखाती है, एक ऐसी फिल्म जो ध्यान खींचने के लिए शोर नहीं करती, बल्कि चुपचाप गहरी छाप छोड़ जाती है। समीक्षकों ने यामी के संयम, भावनाओं की समझ और अंदर से निभाई गई परफॉर्मेंस की खूब तारीफ़ की है, और इसे इस साल की सबसे मजबूत महिला-केंद्रित भूमिकाओं में से एक बताया है। तारीफ़ सिर्फ कहानी या निर्देशन के लिए नहीं, बल्कि उस ईमानदारी और भरोसे के लिए भी मिली है, जिसके साथ यामी ने अपने किरदार को सच्चाई से निभाया है।
अपने किरदार से जुड़ाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे इस विषय पर सच में पूरा भरोसा था। किरदार को लेकर मेरी जो भी समझ थी, उसकी भावनाएँ, उसका सफर कैसा रहा होगा इन सबको मैंने दिल से समझने की कोशिश की। भले ही फिल्म में कल्पना और सच्चाई दोनों का मेल था, लेकिन इसे हर किसी के लिए आसान और जुड़ने लायक बनाना मेरे लिए बहुत ज़रूरी था, ताकि इसे देखने वाला कोई भी इंसान चाहे वह किसी भी जेंडर, समुदाय, जाति या पृष्ठभूमि से हो खुद को इससे जोड़ सके।”
यह भरोसा स्क्रीन पर साफ नज़र आता है। हक़ में यामी कहानी को आगे बढ़ने देती हैं और कभी भी उस पर हावी नहीं होतीं, वह डायलॉग्स के साथ-साथ ख़ामोशी पर भी उतना ही भरोसा करती हैं। फिल्म में उनके कई मजबूत डायलॉग्स और मोनोलॉग हैं, लेकिन कुछ ऐसे भावुक सीन भी हैं जहाँ उनकी आँखें ही सब कुछ कह देती हैं। हाल के वर्षों में लगातार असरदार भूमिकाएँ निभाने के बाद हक़ उनका एक ऐसा मुकाम लगता है जो उनके कला सफर को पूरा करता है, पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरा, बेझिझक और कहानी कहने से गहराई से जुड़ा हुआ। जैसे-जैसे 2025 आगे बढ़ रहा है, यह साफ होता जा रहा है कि जब बात ऐसी अदाकारी की आती है जो याद रहे, दिल को छू जाए और लोगों को भावुक कर दे, तो उस तरह से यह साल यामी गौतम धर का है।



