Vedant Samachar

KORBA:भव्य निशान शोभायात्रा कलश यात्रा के साथ दो दिवसीय श्री नारायणी ‘नमो नमो’ भजनोत्सव एवं मंगलपाठ का भव्य शुभारंभ आज 3100 महिलाएं एक साथ करेंगी मंगल पाठ…

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कोरबा ,28 दिसंबर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी में 39वें अंतर्राष्ट्रीय मंगल पाठ और भव्य भजनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दो दिवसीय धार्मिक समागम में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में दादी भक्त शिरकत कर रहे हैं। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत वातावरण में 39वां दो दिवसीय श्री नारायणी “नमो नमो” भजनोत्सव एवं मंगलपाठ का शुभारंभ भव्य निशान शोभायात्रा/कलश यात्रा के साथ हुआ।

जश्न रिसोर्ट में भव्य एवं दिव्य आयोजन के शुभारंभ पूर्व् नगर के शोभायात्रा निकाली गई जो पंचदेव मंदिर,मेन रोड से प्रारम्भ हो कर जश्न रिसोर्ट पहुंचकर सम्पन्न हुई। बैंड बाजे की धुन पर जय दादी का जयकारा लगाते हुए निशान ध्वज उठाकर युवा, पुरुष-महिलाएं चलते रहे। इस यात्रा में 601 मनोकामना निशान और 151 कलश आकर्षण का केंद्र रहे।

जगह-जगह नारायणी कलश का स्वागत पूजन किया जाता रहा जिसे अश्व पर विराजित कर आयोजन स्थल तक ले जाया गया। भजन स्थल पर यह कलश विधि-विधान से विराजित किया गया।


इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी भी निशान शोभायात्रा में शामिल हुए और माँ नारायणी की आराधना में सहभागिता निभाई। इन्होंने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूती प्रदान करते हैं। माँ नारायणी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।


भजनों पर झूम रहे भक्त


भजन संध्या में ख्यातिलब्ध गायक तेजस राणा, मनोज शर्मा, प्रियंका गुप्ता और अपर्णा अग्रवाल अपनी सुमधुर आवाज में दादी जी का गुणगान कर रहे हैं। इन भजनों पर भक्तों के द्वारा झूम-नाच-गा कर अपनी श्रद्धा-भक्ति प्रकट की जा रही है।


3100 महिलाएं एक साथ करेंगी मंगल पाठ


रविवार को कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 3100 महिलाओं द्वारा सामूहिक मंगल पाठ होगा। अंतर्राष्ट्रीय भजन गायक और मंगल पाठ वाचक केशव सौरभ मधुकर के सानिध्य में संगीतयमय मंगल पाठ का वाचन किया जाएगा। इस दौरान दादी जी को सवामणि एवं 56 भोग अर्पित किया जाएगा। विभिन्न आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति दी जाएगी। चुनरी समर्पण और 12 महीनों के त्योहारों का प्रतीकात्मक मंचन होगा।

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