Vedant Samachar

कुत्ता अगर दूध जूठा कर दे और कोई उसे पी जाए तो क्या रैबीज हो जाएगा ?

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रैबीज से संक्रमित कोई भी जानवर अगर किसी इंसान को काट ले तो जल्द से जल्द एंटी रैबीज का टीका लगवाना जरूरी होता है. अगर ये टीका न लगे तो इंसान को रैबीज हो जाता है और अगर ये बीमारी एक बार हो गई तो व्यक्ति की जान नहीं बचती है. जानवरों के काटने से तो इंसान में रैबीज हो जाता है, लेकिन क्या किसी जानवर या कुत्ते के जूठे दूध को पी लेने से भी ये बीमारी होती है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति को एंटी रैबीज का टीका लेना चाहिए? इन सवालों का जवाब जानने के लिए हमने एक्सपर्ट्स से बातचीत की है.

राजस्थान के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में डॉ. एनआर रावत बताते हैं कि रैबीज वायरस मुख्य रूप से संक्रमित जानवर की लार में मौजूद होता है. यह तब फैलता है जब किसी कुत्ते को रैबीज हो. वह भी तब वह कुत्ता काटे और उसका लारखुले घाव, कट के संपर्क में आए. रैबीज का सबसे आम कारण कुत्ते या किसी जानवर का काटना ही है. जानवर के काटने के 24 घंटे के भीतर एंटी रैबीज का टीका लेना जरूरी होता है. इसके बाद डॉक्टर की सलाह के हिसाब से तीन या 5 टीकों का कोर्स पूरा करना पड़ता है. टीके लगने से इंसान में रैबीज का वायरस खत्म हो जाता है और वह इस बीमारी का शिकार नहीं होता है.

अगर इंसान ने जानवर का जूठा दूध पिया है तो क्या होता है?
इस बारे में डॉ रावत कहते हैं कि जूठे दूध को पीने से संक्रमण का कोई मामला वैज्ञानिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है. इस तरह का कोई केस आया भी नहीं है. हालांकि ये जरूरी है कि जो दूध किसी इंसान ने पिया है वह उबला हुआ होना चाहिए. दूध 50 डिग्री से अधिक तापमान पर गर्म हुआ है तो चिंता वाली कोई बात नहीं है. लेकिन अगर दूध कच्चा पी लिया है तो डॉक्टर की सलाह के हिसाब से टीका लगवा सकते हैं.

गाजियाबाद के पशु पालन विभाग में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसपी पांडेय बताते हैं कि रैबीज का वायरस बाहर के वातावरण में ज्यादा देर तक जीवित नहीं रहता. यह नष्ट हो जाता है. रैबीज के फैलने का कारण काटना ही होता है, क्योंकि आजतक ऐसा कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ जहां इंसान के पेट में यह वायरस गया और उसको रैबीज हो गया. हालांकि अगर इंसान ने कच्चा दूध पिया है और उसके मुंह में कोई छाला है तो ट्रांसमिशन का रिस्क हो सकता है. लेकिन दूध उबला हुआ है तो कोई रिस्क नहीं है.

किन मामलों में सावधानी जरूरी है
अगर दूध को झूठा करने वाला कुत्ते का व्यवहार सामान्य न हो. दूध को उबालकर न पिया हो. ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर की सलाह के हिसाब से ही टीके लगवाने हैं या नहीं इसका निर्णय लिया जाना चाहिए.

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