मुंबई के नामी सेवनहिल्स हॉस्पिटल को लेकर एक बार फिर बड़ी कॉरपोरेट हलचल तेज हो गई है. यही वजह है कि हॉस्पिटल की बिक्री बार-बार अटकती रही है. इसी अस्पताल में ही अमिताभ बच्चन की पोती और ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या का जन्म हुआ था. ET की एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 1500 बेड वाले इस बड़े हॉस्पिटल को खरीदने की रेस में अब दो बड़े खिलाड़ी आमने-सामने हैं.
एक तरफ मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के समर्थन वाली कंपनी NK होल्डिंग्स है, तो दूसरी ओर जुपिटर हॉस्पिटल्स. दोनों ने अस्पताल को खरीदने के लिए करीब 450 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है, लेकिन भुगतान के तरीके में बड़ा फर्क है.
भुगतान का फर्क बना निर्णायक मुद्दा
जुपिटर हॉस्पिटल ने प्रस्ताव रखा है कि दिवालिया अदालत से मंजूरी मिलने के 30 दिनों के भीतर पूरी 450 करोड़ रुपये की रकम एकमुश्त चुका दी जाएगी. वहीं रिलायंस समर्थित NK होल्डिंग्स ने यही रकम पांच साल में चरणबद्ध तरीके से चुकाने की पेशकश की है. अब इसका अंतिम फैसला लेनदारों को करना है.
कानूनी उलझन ने बढ़ाई मुश्किल
सेवनहिल्स हॉस्पिटल जिस जमीन पर बना है, वह मुंबई की नगर निगम (MCGM) की है. इसी जमीन के किराये और लीज को लेकर सालों से कानूनी विवाद चल रहा है. नगर निगम ने करीब 140 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया किराया मांगा है, जिस पर अब तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है.
पहले भी फंसा है सौदा
यह पहली बार नहीं है जब सेवनहिल्स को बेचने की कोशिश की जा रही हो. साल 2019 में एक मेडिकल ग्रुप के 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को अदालत ने मंजूरी दी थी, लेकिन नगर निगम की आपत्ति के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया और सौदा रद्द हो गया. इसके बाद कोविड महामारी आ गई, जिससे पूरा प्रोसेस ठंडे बस्ते में चला गया.
विशाखापत्तनम हॉस्पिटल पहले बिक चुका
सेवनहिल्स हेल्थकेयर के पास पहले दो हॉस्पिटल थे एक मुंबई में और दूसरा विशाखापत्तनम में, लंबी देरी को देखते हुए अदालत ने दोनों को अलग-अलग बेचने की अनुमति दी. विशाखापत्तनम वाला हॉस्पिटल 2024 में करीब 171 करोड़ रुपये में बिक चुका है, जबकि मुंबई वाला अब भी कानूनी उलझनों में फंसा हुआ है.
लेनदारों पर भी बड़ा दबाव
सेवनहिल्स पर कुल कर्ज 1,300 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जाता है. इसमें ज्यादातर रकम बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की है. लेनदार चाहते हैं कि इस बार सौदा बिना किसी अड़चन के पूरा हो, ताकि उन्हें कम से कम कुछ राशि की भरपाई मिल सके.



