जालोर,23दिसंबर : राजस्थान के जालोर जिले में सुंधा माता पट्टी के चौधरी समाज के पंचों ने 24 से अधिक गांवों की महिलाओं और छात्राओं के स्मार्टफोन उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। समाज का तर्क है कि यह कदम मोबाइल की लत रोकने और बच्चों को अधिक ध्यान देने के लिए उठाया गया है जबकि सरकारें महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
बहुओं-छात्राओं पर स्मार्टफोन बैन
समाज की बैठक 21 दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि सुंधा माता पट्टी के भीनमाल और रानीवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों के कई गांवों की बहू-बेटियां स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करेंगी। इसके बजाय उन्हें केवल की-पैड मोबाइल का उपयोग करने की अनुमति होगी। समाज के अध्यक्ष सुजानाराम चौधरी ने बताया कि यह फैसला पंचों के सुझावों के बाद लिया गया। निर्णय की घोषणा पंच हिम्मताराम ने की। पंचों ने कहा कि यह निर्णय छोटे बच्चों के मोबाइल उपयोग की लत को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
चौधरी समाज का तुगलकी फरमान
फरमान में गजापुरा, गजीपुरा, पावली, मालवाड़ा, राजपुरा, राजीकावास, खानपुर, आलडी, रोपसी, साविदर, कोड़ी, चितरोडी, कागमाला और अन्य गांवों की महिलाओं और छात्राओं पर स्मार्टफोन उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इसी चौधरी समाज से जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी, पूर्व सांसद देवजी एम. पटेल, प्रदेश के कानून मंत्री जोगाराम पटेल, सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी और पूर्व विधायक पूराराम चौधरी जैसे बड़े राजनीतिक नाम जुड़े हुए हैं।



