नई दिल्ली, 20 दिसंबर। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग नियमों का पालन नहीं करने पर प्राइवेट सेक्टर के कोटक महिंद्रा बैंक पर 61.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD), बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट (BC) की भूमिका और क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी (CIC) से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर की गई है।
आरबीआई ने बताया कि यह जुर्माना बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट की धारा 47ए(1)(सी) को धारा 46(4)(आई) के साथ तथा क्रेडिट सूचना कंपनियां (विनियमन) अधिनियम, 2005 की धारा 25(1)(iii) को धारा 23(4) के साथ मिलाकर प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार, कोटक महिंद्रा बैंक को इस संबंध में पहले नोटिस जारी किया गया था। बैंक की ओर से दिए गए जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद आरबीआई ने पाया कि बैंक ने नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया है।
जांच में सामने आया कि बैंक ने कुछ ऐसे ग्राहकों के लिए एक से अधिक बीएसबीडी खाते खोले, जिनके पास पहले से ही इसी बैंक में बीएसबीडी खाता मौजूद था। इसके अलावा बैंक ने बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट के साथ ऐसे कार्यों के लिए समझौता किया, जो बीसी के दायरे में अनुमन्य गतिविधियों में शामिल नहीं हैं। आरबीआई ने यह भी पाया कि बैंक ने कुछ उधारकर्ताओं से संबंधित गलत जानकारी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को भेजी।
भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह दंड केवल वैधानिक और नियामकीय अनुपालन में पाई गई कमियों के आधार पर लगाया गया है। इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है।
आरबीआई ने यह भी साफ किया कि इस कार्रवाई का ग्राहकों के पैसे या उनके खातों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बैंक के ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।



