13 हजार से अधिक किसानों ने किया धान विक्रय, 2 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबा समर्पण
मोहला ,18 दिसंबर (वेदांत समाचार) । राज्य शासन द्वारा किसानों की आय सुरक्षा और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से संचालित धान खरीदी व्यवस्था जिले में सकारात्मक परिणाम दे रही है। सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध खरीदी प्रणाली का ही परिणाम है कि जिले में अब तक 13 हजार 616 किसानों ने अपना धान उपार्जन केंद्रों में सफलतापूर्वक विक्रय कर चुके हैं। धान बेचने के पश्चात् किसानों के रकबा समर्पण में भी तेजी आई है, अब तक जिले 2 हजार 231 हेक्टेयर रकबा का समर्पण हो चुका हैं।
जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिल रहा है। राज्य शासन के दिशा-निर्देशों तथा जिला प्रशासन की सतत निगरानी में धान उपार्जन केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। किसानों को निर्धारित तिथि पर टोकन प्रणाली के माध्यम से बुलाया जा रहा है, जिससे उन्हें लंबी कतारों और अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। धान विक्रय कर चुके किसानों का कहना है कि पहले जहां उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्था और भुगतान की अनिश्चितता बनी रहती थी, लेकिन अब राज्य शासन की किसान हितैषी पहल से अब उपार्जन केंद्रों में प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो गई है।
तौल से लेकर रसीद मिलने तक की व्यवस्था सुचारू है और धान विक्रय के बाद भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के मार्गदर्शन में खाद्य विभाग, सहकारी समितियां, नागरिक आपूर्ति निगम तथा संबंधित विभागों के समन्वय से धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इसके साथ ही अवैध धान संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। वही उपार्जन केंद्रों पर किसानों के बैठने, पेयजल एवं छाया जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। राज्य की किसान हितैषी धान खरीदी नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रही है। किसानों को समय पर भुगतान मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, जिससे वे आगामी रबी फसलों की तैयारी में भी गति पकड़ने लगी हैं।



