Vedant Samachar

एक गोली, बड़ा फायदा, हार्ट अटैक-स्ट्रोक का खतरा घटा सकती हैं कॉम्बिनेशन दवाएं

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हार्ट की कई तरह की बीमारियां होती हैं जैसे हाई बीपी, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट. इनमें सबसे आम हाई बीपी की समस्या है, यही हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक तक का कारण बनती है. इन सभी से बचाव और इलाज के लिए कई दवाएं मौजूद हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाई बीपी से होने वाली सभी बीमारियों और खासतौर पर हार्ट अटैक से बचाव के लिए केवल एक दवा लेना ही काफी हो सकता है. हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) ने सुझाव दिया है कि कॉम्बिनेशन दवाओं का इस्तेमाल दिल की बीमारियों के जोखिम को कम करने में फायदेमंद है.

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की जर्नल Hypertension में प्रकाशित स्टडी में यह दावा किया गया है. स्टडी के मुताबिक, एक ही गोली में दो या ज्यादा दवाओं का कॉम्बिनेशन लेने से मरीजों को अधिक फायदा मिल सकता है .कॉम्बिनेशन दवाओं का मतलब होता है कि कई बीमारियों को कंट्रोल करने की एक दवा. इनमें ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने वाली कई दवाओं को एक साथ शामिल किया जाता है. इससे अलग- अलग दवाएं नहीं खानी पड़ती हैं. एक गोली में ही कई दवाओं के सॉल्ट होते हैं और इनसे शरीर को नुकसान भी नहीं होता है. साइड इफेक्ट्स कम होते हैं क्योंकि सही डोज़ मिलती है और एक दवा खाना इंसान भूलता भी नहीं है.

कॉम्बिनेशन दवाएं क्यों ज्यादा असरदार मानी जाती हैं?
कई गोलियां खानी होती है तो मरीज भूल जाते हैं कब कौन सी लेनी है

एक गोली में दो दवाएं लेने से इलाज आसान होता है

ब्लड प्रेशर जल्दी कंट्रोल में आता है

हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 50 फीसदी तक घट सकता है

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने क्या सलाह दी है?
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि हार्ट डिजीज के ज्यादा रिस्क वालों में कॉम्बिनेशन दवाओं का इस्तेमाल फायदेमंद देखा गया है. चूंकि स्टेज 2 हाइपरटेंशन में मरीज को दो दवाएं खानी पड़ती है. ऐसे में इसके स्थान पर एक ही दवा खाने से भी काम चल सकता है, लेकिन ये हमेशा कॉम्बिनेशन दवा होनी चाहिए.

रिसर्च में भी इसके अच्छे परिणाम मिले हैं. हालांकि अभी डायबिटीज मरीजों, हार्ट फेल्यिर के रोगियों पर रिसर्च नहीं की गई है, लेकिन हाई बीपी की किसी स्टेज के मरीजों के लिए कॉम्बिनेशन दवाएं फायदेमंद हैं. डॉक्टरों को मरीजों को ऐसी दवाएं लिखनी चाहिए. इससे बीपी कंट्रोल आसान हो जाता है. अगर बीपी हमेशा कंट्रोल रहेगा तो इससे हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक तक का खतरा 40 से 50 फीसदी तक कम होता है.

किन दवाओं का होता है कॉम्बिनेशन?
ACE Inhibitors

ARB

Thiazide Diuretics

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
राजीव गांधी अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अजीत कुमारबताते हैं कि कॉम्बिनेशन दवाओं का यूज फायदेमंद है. पहले भी ऐसी रिसर्च हुई हैं जिनमें बताया गया है कि हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए अलग- अलग दवाओं की तुलना में एक ही मेडिसिन लेना फायदेमंद है. ऐसे में जरूरी है कि मरीजों को इस तरह ही दवाएं लिखी जाएं, हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि हार्ट के मरीज इन दवाओं को खाना शुरू कर दें. इससे पहले कार्डियोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर की सलाह पर ही आप इन दवाओं का खाना शुरू करें.

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