कोरबा, 13 दिसम्बर । जीपीएम जिले से पहुंचे दंतैल हाथियों का आतंक जिले के पसान वन परिक्षेत्र में लगातार बना हुआ है। हाथियों के दल ने तरईनार क्षेत्र को अपना अस्थायी बसेरा बना लिया है, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार हाथी दिनभर जंगल के भीतर विश्राम करते हैं और रात होते ही बाहर निकलकर करीब 12 किलोमीटर के दायरे में विचरण करते हुए उत्पात मचाते हैं। तड़के सुबह होने से पहले वे फिर जंगल में लौट जाते हैं।
दंतैल हाथियों की गतिविधियों से क्षेत्रवासी काफी परेशान हैं। वन अमले द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है, लेकिन हाथी कर्मचारियों को चकमा देकर कभी खलिहानों तक पहुंच रहे हैं तो कभी सीधे गांव की बस्तियों में घुसकर घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि इसी माह की चार तारीख को क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद से अब तक दंतैल हाथियों ने करीब आधा दर्जन घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक खलिहानों में रखे धान को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। बीती रात हाथियों के दल ने एक बार फिर तरईनार गांव में धावा बोला और चार ग्रामीणों के खलिहानों में रखे धान को चट कर गए। इतना ही नहीं, एक ग्रामीण के घर को भी निशाना बनाते हुए भारी क्षति पहुंचाई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने हाथियों के बढ़ते आतंक से जल्द राहत दिलाने की मांग की है, ताकि फसल और आवासीय नुकसान के साथ किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।



