Vedant Samachar

छत्तीसगढ़ : उच्च शिक्षा विभाग में शासन की गाइडलाइंस की अनदेखी, जेम पोर्टल से 1.06 करोड़ की अनियमित खरीदी पर प्राचार्य समेत 5 अधिकारी निलंबित, महकमे में मची खलबली

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रायपुर, 30 दिसंबर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। महासमुंद जिले के शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट में लगभग 1 करोड़ 6 लाख रुपये की खरीदी में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद शासन ने कड़ा कदम उठाते हुए प्राचार्य सहित पांच अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। निलंबन आदेश उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय रायपुर द्वारा जारी किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार जिन अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है, उनमें डॉ. एस.एस. तिवारी, प्राचार्य शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट, डॉ. सीमा अग्रवाल सहायक प्राध्यापक पिथौरा, डॉ. बृहस्पतु सिंह विशाल सहायक प्राध्यापक पिथौरा, डॉ. पीठी सिंह ठाकुर सहायक प्राध्यापक पिथौरा तथा डॉ. एस.एस. दीवान सहायक प्राध्यापक पिथौरा शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान सभी का मुख्यालय क्षेत्रीय उच्च शिक्षा संचालक कार्यालय, रायपुर निर्धारित किया गया है। नियमानुसार सभी को जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

जांच में सामने आया है कि पीएम-उषा एवं रूसा मद से अक्टूबर-नवंबर 2025 के बीच की गई खरीदी में शासन की गाइडलाइंस की खुलेआम अनदेखी की गई। जांच समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि शासन की पूर्व अनुमति के बिना बड़े पैमाने पर क्रय आदेश जारी किए गए। छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया और सीमित निविदा प्रक्रिया अपनाने के बजाय सीधे एल-1 मोड के माध्यम से खरीदी की गई। इसके अलावा बेहद कम समय में भारी राशि की खरीदी कर तत्काल आपूर्ति कराए जाने पर भी संदेह जताया गया है।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्राचार्य और क्रय समिति की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की थी, जिसके बाद विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल प्रारंभिक है और पूरे मामले में विस्तृत विभागीय जांच भी कराई जाएगी। यदि जांच में आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधितों से राशि की वसूली के साथ-साथ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी में अनियमितताओं के ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे पहले राजिम के राजीव लोचन पीजी कॉलेज और बिलासपुर विश्वविद्यालय में भी इसी तरह की अनियमितताओं पर जांच और निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। बार-बार सामने आ रहे इन मामलों ने उच्च शिक्षा विभाग की खरीदी प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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