जगदलपुर, 28 नवंबर (वेदांत समाचार)। बस्तर में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों और प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। आज जगदलपुर में 10 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इनमें 03 महिला और 07 पुरुष माओवादी शामिल हैं। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के लगातार दबाव के चलते ये सभी अब समाज की मुख्यधारा में जुड़कर नया जीवन शुरू करेंगे।

आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े इनामी माओवादी भी शामिल रहे। इनमें चैतू @ श्याम दादा पर 25 लाख, सरोज @ मल्कू सोढ़ी पर 8 लाख, तथा कई अन्य कैडरों पर लाखों की इनामी राशि घोषित थी। प्रशासन ने बताया कि सभी को पुनर्वास नीति के अनुसार आर्थिक सहायता, आवास, शिक्षा एवं आजीविका सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
पुरुष माओवादी कैडरों की सूची एवं रैंक
- चैतू @ श्याम दादा — DKSZC सदस्य (इनाम 25 लाख)
- सरोज @ मल्कू सोढ़ी — DVCM (इनाम 08 लाख)
- भूपेश @ सनक राम फुरामी — ACM (इनाम 05 लाख)
- प्रकाश @ फिल साय सलाम — ACM (इनाम 05 लाख)
- कमलेश @ झितरू यादव — ACM (इनाम 05 लाख)
- संतोष @ सन्नू आचला — ACM (इनाम 05 लाख)
- नवीन @ भाजू सलाम — PM (इनाम 01 लाख)
महिला माओवादी कैडरों की सूची एवं रैंक
- रामशीला @ बुकली सलाम — ACM (इनाम 05 लाख)
- जन्नी @ रायमती सलाम — ACM (इनाम 05 लाख)
- जयति @ मनाई कश्यप — PM (इनाम 01 लाख)
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडर लंबे समय से जंगल में सक्रिय थे और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बीच विकास और संवाद के रास्ते में विश्वास कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। स्थानीय प्रशासन ने इनके पुनर्वास और सामाजिक पुनर्निर्माण के लिए त्वरित प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस आत्मसमर्पण को बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सल हिंसा में कमी आने की उम्मीद और मजबूत हुई है।



