नई दिल्ली, 02अप्रैल। ईरान के विरुद्ध युद्ध के उद्देश्यों को लेकर अमेरिका प्रारंभ से ही भ्रमित दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान भी लगातार बदल रहे हैं। कभी वह कहते हैं कि लक्ष्य पूरे होने तक अमेरिका युद्ध से नहीं हटेगा और कभी कहते हैं कि युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा। अब ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना दो से तीन सप्ताह में ईरान के विरुद्ध अपना अभियान खत्म कर सकती है और अमेरिका बिना डील किए ही इस युद्ध से निकल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी उन देशों की है जो तेल और नौवहन के लिए इस पर निर्भर हैं।
ट्रंप ने नाटो को डरपोक करार दिया
होर्मुज को सुरक्षित करने में अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर उन्होंने नाटो को डरपोक करार दिया और नाटो छोड़ने के साथ-साथ यूक्रेन को हथियार देना बंद करने की धमकी दी। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान होर्मुज को अवरुद्ध करना बंद करे, अन्यथा अमेरिका बमबारी करके उसे वापस पाषण युग में भेज देगा। बुधवार को तो ट्रंप के लगातार इतने विरोधाभासी बयान आए कि ईरान ने इसे ‘अप्रैल फूल’ बनाने जैसी बात कह दी। इस बीच ईरान और इजरायल की ओर से एक दूसरे पर हमले जारी रहे। ईरान ने खाड़ी देशों पर फिर हमले किए और कतर के जलक्षेत्र में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।
