देशभर में आज से नया इनकम टैक्स कानून लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने कानून की जगह ले ली है और टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अब फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की जगह सिर्फ एक “टैक्स ईयर” होगा, वहीं ITR-3 और ITR-4 भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त कर दी गई है जबकि ITR-1 और ITR-2 की डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी। शेयर बाजार में F&O ट्रेडिंग महंगी हो गई है क्योंकि STT बढ़ा दिया गया है।
HRA क्लेम के लिए अब मकान मालिक का PAN और किराए का प्रमाण देना जरूरी होगा और कई नए शहरों को 50% छूट वाली कैटेगरी में शामिल किया गया है। फूड कार्ड पर टैक्स फ्री लिमिट 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी गई है, वहीं गिफ्ट और वाउचर की छूट 5,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपये सालाना कर दी गई है। बच्चों के एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
शेयर बायबैक पर अब कैपिटल गेन के तहत टैक्स लगेगा, जिससे निवेशकों पर असर पड़ सकता है। PAN नियमों को सख्त करते हुए बड़े लेनदेन पर पैन अनिवार्य कर दिया गया है और आधार के आधार पर ही पैन बनाना अब संभव नहीं होगा। इसके अलावा इनकम टैक्स फॉर्म्स के नाम भी बदल दिए गए हैं, हालांकि उनके काम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
